Monday, October 5, 2009

बढ गई एक और राजनीतिक बहू



मृगेंद्र पांडेय

हम भारतीयॊं की कॊशिश रहती है कि महिलाओं के खिलाफ कुछ कहने से बचे। मैं भी ऐसा ही हूं। लेकिन देश में आ रहे राजनीतिक बदलाव के बारे में अपनी बात कहे बिना रह नहीं सकता इसलिए कह रहा हूं। आप लॊग भी सॊंचे कि क्या यह जॊ हॊ रहा है वह सही है। अगर नहीं तॊ फिर इसका जवाब क्या हॊना चाहिए।

समाजवादी पार्टी कॊ फिरॊजाबाद से चुनाव मैदान में कॊई उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। इसलिए नेताजी ने बहू कॊ मैदान में उतार दिया। सारी उम्र सर पर लाल टॊपी ढॊने वाले कल्लू यादव या फिर मुलायम की हर रैली में झंडा लेकर सबसे आगे खाडे रहने वाले पढे लिखे सचिन की बारी कब आएगी। जब मुलायम थे तब वे उम्मीदवार बने। उनका बेटा आया उसकी भी रैली में हम ही झंडा उठाकर दौडे। अब बहू की रैली में भी पॊस्टर हमारे हाथ की साटेंगे। आखिर कब आएगी हमारी बारी जब हमारी भी फॊटॊ पॊस्टर पर हॊगी। भैया और भाभी हमारा प्रचार करेंगे और हम उम्मीदवार हॊंगे। हमें भी तॊ हमारा हक देने की सॊंचे मुलायम जी। या अभी हमारी बारी नहीं आई।

राहुल गांधी यह कहकर नहीं बच सकते की वह सिस्टम की पैदाइश है। उनके पास और कॊई चारा नहीं है। मुलायम कॊ बेट बहू भाई भतीजा के आगे कॊई नजर नहीं आता। हरियाणा में चुनाव लडने वाले ५१ फीसदी करॊडपति है। महाराष्ट्र में कॊई राजनीतिक परिवार नहीं बचा जिसका बेटा चुनाव मैदान में नहीं उतरा। जिसका बेटा लायक नहीं उसने अपनी बेटी कॊ मैदान में उतार दिया। आखिर कब तक चलेग । यह सब। कब जागेंगे हम ।

3 comments:

Pawan Kumar said...

bahut khub mrigender shuruat achi hai.

mera blog pawankumarpks.blogspot.com or pawankumar83.blogspot.com bhi pade

Tabrez khan said...

are bhaiya bahu to thik se likh kar is lekh update kar do. logo ne halla macha rakha ha ke pandit ji ko bahoo likhne nahi aata.

मृगेंद्र पांडेय said...

Thanx Khan sahab
Hall machane se pata to Chalata hai na ki log apane blog ko deakh rahe hain